Budget 2026 से आम आदमी को क्या मिलेगा? Income Tax Slabs, Home Loan और महंगाई पर क्या फैसले ले सकती है सरकार? पढ़िए पूरा विश्लेषण।
Budget 2026: मिडिल क्लास को मिलेगी राहत या बढ़ेगा बोझ? जानिए क्या हैं 5 बड़ी उम्मीदें
फरवरी का महीना नजदीक आते ही देश के हर आम आदमी की नज़रें वित्त मंत्री और उनके लाल बही-खाते (Budget Tablet) पर टिक जाती हैं। साल 2026 का यूनियन बजट (Union Budget 2026) न केवल अर्थव्यवस्था के लिए अहम है, बल्कि यह मिडिल क्लास की जेब पर सीधा असर डालने वाला है।
पिछले कुछ सालों में महंगाई और बदलती ग्लोबल स्थितियों के बीच, नौकरीपेशा वर्ग को इस बार सरकार से कुछ ठोस राहत की उम्मीद है। The Hind Time की इस खास रिपोर्ट में, हम उन 5 बड़े मुद्दों पर बात करेंगे जिन पर इस बजट में बड़े ऐलान हो सकते हैं।
1. इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव (Income Tax Slabs)
हर बजट में सबसे ज्यादा चर्चा टैक्स की होती है। मौजूदा समय में New Tax Regime और Old Tax Regime को लेकर काफी कन्फ्यूजन रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 के बजट में सरकार New Tax Regime को और ज्यादा आकर्षक बनाने के लिए बेसिक छूट की सीमा (Basic Exemption Limit) को बढ़ा सकती है।
उम्मीद की जा रही है कि टैक्स-फ्री इनकम की सीमा को मौजूदा स्तर से बढ़ाकर 4-5 लाख रुपये तक किया जा सकता है, जिससे सीधे तौर पर लोअर और मिडिल क्लास को फायदा होगा।
2. होम लोन पर राहत (Home Loan Interest Deduction)
घर का सपना देखना हर किसी का हक है, लेकिन बढ़ती ब्याज दरों ने EMI का बोझ बढ़ा दिया है। अभी सेक्शन 24(b) के तहत होम लोन के ब्याज पर 2 लाख रुपये तक की छूट मिलती है।
रियल एस्टेट सेक्टर और आम आदमी की मांग है कि इस सीमा को बढ़ाकर 3 से 4 लाख रुपये किया जाए। अगर ऐसा होता है, तो न केवल घर खरीदारों को टैक्स में बचत होगी, बल्कि रियल एस्टेट मार्केट में भी बूम आएगा।
3. स्टैंडर्ड डिडक्शन में बढ़ोतरी (Standard Deduction)
सैलरीड क्लास (Salaried Class) के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन एक महत्वपूर्ण राहत होती है। बढ़ती महंगाई को देखते हुए, उम्मीद है कि वित्त मंत्री स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा को 50,000 रुपये से बढ़ाकर 75,000 या 1 लाख रुपये कर सकती हैं। यह कदम नौकरीपेशा लोगों के हाथ में ज्यादा डिस्पोजेबल इनकम (खर्च करने योग्य पैसा) छोड़ेगा।
4. 80C की लिमिट बढ़ सकती है
सेक्शन 80C के तहत निवेश पर मिलने वाली 1.5 लाख रुपये की छूट की सीमा पिछले कई सालों से नहीं बढ़ी है। जबकि इन सालों में महंगाई कई गुना बढ़ चुकी है। फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसे बढ़ाकर कम से कम 2.5 लाख रुपये किया जाना चाहिए ताकि लोग सेविंग्स और इंश्योरेंस की तरफ ज्यादा आकर्षित हों।
5. डिजिटल इंडिया और AI पर फोकस
चूंकि हम 2026 में हैं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर अब भविष्य नहीं, वर्तमान हैं। बजट में स्किल डेवलपमेंट और युवाओं के लिए AI-बेस्ड रोजगार के अवसरों पर विशेष पैकेज की घोषणा हो सकती है। स्टार्टअप्स के लिए भी टैक्स हॉलिडे (Tax Holiday) को बढ़ाया जा सकता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
Budget 2026 से उम्मीदें बहुत हैं, लेकिन सरकार को राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) का भी ध्यान रखना होगा। क्या यह बजट लोकलुभावन होगा या सख्त सुधारवादी? इसका जवाब तो 1 फरवरी को ही मिलेगा।
लेकिन एक बात तय है, अगर टैक्स स्लैब और होम लोन में राहत मिलती है, तो यह मिडिल क्लास के लिए नए साल का सबसे बड़ा तोहफा होगा।
आपकी राय: आपको क्या लगता है, सरकार को सबसे पहले किस चीज पर टैक्स कम करना चाहिए? कमेंट करके हमें जरूर बताएं।